दिल्ली शहर और राज्य

सुप्रीम कोर्ट ने कहा SC ST एक्ट में न तो सीधे FIR दर्ज होगी और ना गिरफ़्तारी।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में  गुरुवार को कहा की अनुसूचित जाती जन जाती SC ST कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जो जल्दी फैसला दिया है  एक्ट को कमजोर करता है और इससे देश में भरी नुकसान हुआ है। इस फैसले से लोगो में भ्रम पैदा हुआ। उसे दूर करने की जरुरत नहीं  गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को आदेश दिया था
की SC / ST एक्ट में अब नातो सीधे FIR दर्ज होगी और न सीधे गिरफ़्तारी हो सकेगी। FIR होने से पहले सुरु से जांच की जाएगी अग्रिम रूप से जमानत भी दी जा सकेगी। और इस फैसले की वजह के विरोध में भारत 2 अप्रैल को बंद हुआ था और इस विरोध में भरी हिंसा हुई थी फिर दलित संगठनों के दबाव में सरकार ने अपने फैसले पर फिर से सोचने के लिए याचिका दाखिल की है।
इस पर गुरुवार  को लिखित दलील देते हुए अटॉर्नी जरनल ने कहा की ये मामला बेहद भावुक है अदालत ने इस मामले में गेप भरने की बजाए कानून में ही बदलाव करदिया। अदालत को संसद के अधिकारों में दखल देने का हक़ नहीं है।