दिल्ली

PM नरेंद्र मोदी ने चीन से मिलकर पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका।

PM नरेंद्र मोदी की दो दिन के लिए गए चीन यात्रा के दौरान भले ही सामान्य समझौते नहीं हुए लेकिन नरेंद्र मोदी कई मामलों पर चीन का भरोसा पाने में कामयाब रहे। वूहान शहर में अनौपचारिक शिखर वार्ता में PM नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने तय किया कि सीमा पर डोकलाम जैसा सैन्य स्टैंडऑफ फिर पैदा न हो, इसके लिए दोनों PM नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग  अपनी-अपनी सेनाओं को रणनीतिक दिशानिर्देश जारी करेंगे।
एक और बड़ी अच्छी बात यह कि चीन और भारत के साथ मिलकर अफगानिस्तान में इकॉनमिक प्रॉजेक्ट पर साथ काम करने को तैयार है। यह पहला मौका है भारत और चीन मिलकर अफगानिस्तान में काम करेंगे। यह चीन और भारत रजामंदी चीन के सदाबहार दोस्त पाकिस्तान को बुरी लग सकती है क्योंकि वह अफगानिस्तान में भारत की सक्रियतावाद को अपने लिए खतरा मानता है।
और  वहीं चीन अपने तकरारी चीन-पाक इकॉनमिक कॉरिडोर में अफगानिस्तान को भी शामिल करने का ख्वाहिशमंद रहा है। विवादित बेल्ट ऐंड रोड परियोजना पर भी चीन की तरफ से कहा गया है कि वह भारत पर इसे समर्थन देने के लिए बहुत जोर नहीं डालेगा। भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि दोनों नेताओं ने माना कि आतंकवाद से उन्हें बराबर खतरा है और दोनों ने इसकी कड़ी निंदा की। मोदी और चिनफिंग के बीच दो दिनों में छह राउंड में करीब 10 घंटे तक बातचीत हुई।

PM मोदी वूहान से लाए ये चार वादे।

  • सीमा पर तनाव को कम करने की कोशिश करें। वार्तालाप बढ़ेगा, डेडलॉक के लिए अनौपचारिक बातचीत नहीं होगी।
  • दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संतुलित और टिकाऊ बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे।
  • वैश्विक प्रणाली में एक मजबूत भूमिका के लिए भारत और चीन एक स्थिर और संतुलित संबंध बनाने के लिए कदम उठाएंगे।
  • आतंकवाद को साझा खतरा कहा गया है और दोनों पक्ष सहयोग बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं।