दिल्ली

जेपी बिल्डर को 15 जून तक जमा करने होंगे 1000 करोड़

सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर कंपनी जेपी एसोसिएट्स (जेएएल) से 15 जून तक सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डर कंपनी जेपी एसोसिएट्स (जेएएल) से 15 जून तक सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में एक हजार करोड़ अतिरिक्त राशि जमा करने के लिए कहा है ताकि खरीदारों पैसे वापस कर सकें।सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में बेंच के सामने सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि रजिस्ट्री में एक हजार रुपये जमा करने के मामले में, जेएएल की सहायक जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ परिसमापन कार्यवाही जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 15 जून तक, यदि राशि जमा नहीं की जाती है, तो जेआईएल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले जेएएस को निर्देश दिया था कि वह 2 हजार करोड़ रुपये जमा करे। बिल्डर कंपनी ने अब तक 750 करोड़ रुपये जमा किए हैं। 11 मार्च को जेपी एसोसिएट्स ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक 750 करोड़ रुपए का पहले ही भुगतान कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिन फ्लैट खरीददारों को फ्लैट चाहिए उनके बारे में बाद में देखेंगे पहले हम रिफंड के मामले को लेकर चिंतित हैं
और उनके मामले को देखेंगे। इससे पहले जेपी असोसिएट्स की ओर से बताया गया था कि उनके 31 हजार फ्लैट खरीददारों में से केवल 8 फीसदी लोग यानी 2800 लोग ऐसे हैं जिन्होंने रिफंड का विकल्प चुना है जबकि अन्य ने मकान का विकल्प चुना है। अदालत को जेपी की ओर से बताया गया है कि 13500 फ्लैट का उन्हें कब्जा सर्टिफिकेट मिला है। खरीददारों के हितों की रक्षा के लिए जेपी से फंड जमा करने को कहा गया था।