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सीलिंग मामले में आएगा 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट का फैसला।

व्यापारी कर रहें  है 2 अप्रीले का इंतिजार  सीलिंग की वजह से 3 महीने से भी ज्यादा परेशान  व्यापारी अब दो अप्रैल तक मिली राहत। MCD के अधिकारी 4 दिन की छुट्टी करने के बाद अब कोई एक्शन लेने के मूड में नहीं है  अब तक सीलिंग के लिए किसी भी पुलिस टेसन में कोई भी मांग नहीं की गई है।
क्योकि छूटियों के दौरान सीलिंग के लिए कोई भी प्रेशर नहीं डाला जायेगा क्योंकि कमेटी भी 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में होने वाले फैसले का इंतिजार कर रही है सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सीलिंग मामले की दोबारा से अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
जांच समिति के एक सक्श ने बताया की MCD के अफसर और पुलिस सात मिलकर सीलिंग की कार्यवाई तेजी से की जाएगी लेकिन अभी कार्यवाई इतनी तेज़ी से नहीं की जा रही है बस अब MCD को 2अप्रैल के फैसले का इंतिजार है।
जांच करता का येभी कहना है की 2 अप्रैल को होने वाला फैसला सीलिंग के दौरान बहुत जरुरी है MCD के एक अफसर के अनुसार 29 तारीख से चार दिन की छुट्टियां है और इन छुट्टियों में कोई भी अफसर सीलिंग एक्शन लेने के  लिए कोई भी तैयार नहीं है
इसलिए कोई भी अफसर पुलिस की डिमांड नहीं कर रहे है और नहीं उन्हें कोई पुलिस फाॅर्स दी जारही है अब सीलिंग मामले में जो भी कुछ होगा 2 अप्रैल के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद होगा।

CM अरविन्द केजरीवाल भी कर रहे है सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतिजार।

सीलिंग के मामले को लेकर अरविन्द केजरीवाल ने फ़िलहाल टाल दिया है भूक हड़ताल का फैसला आम आदमी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा की सीलिंग मामले में 2 अप्रैल को सीलिंग सुनवाई होने वाली है।
जो रोज होगी इसलिए वकीलों ने ये सलहा दी की अभी भूक हड़ताल या अनशन नहीं करना चाहिए जब तक हमें कोर्ट के फैसले का हमें इंतिजार करना चाहिए।  भरद्वाज ने कहा की अगर अरविन्द केजरीवाल अनशन पर बैठे या भूक हड़ताल की तो हमसे सुप्रीम कोर्ट नाराज हो सकता है इदुकानदारो को भुगतना पड़ सकता है।
CM अरविन्द केजरीवाल ने भूक हड़ताल का फैसला व्यापारियों और वकीलों के कहने पर टाल दिया है भरद्वाज ने बताया की CM अरविन्द केजरीवाल ने कहा था की अगर 31 मार्च तक सीलिंग नहीं रूकी तो  हम भूक हड़ताल करेंगे। इसके बाद फिर सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई जिसमे बड़े बड़े वकीलों को बुलाया गया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने व्यापारियों और सरकार का पक्ष रखने के लिए दो बड़े सीनियर वकीलों को नियुक्त कर दिया गया।